अब भारत में 9 नहीं 8 केंद्र शासित प्रदेश हैं ..
हेलो दोस्तों आप सभी का मेरे इस चैनल G.S. with understand में स्वागत हे। आज हम आपको भारत के उन 8 केंद्र शासित प्रदेशो के बारे में बताएँगे साथ ही उससे जुड़े कुछ पहलुओं को भी बताएँगे।
भारत को राज्यों का संघ कहा जाता हे। आर्टिकल 1,2 व 3 के तहत भारत के किसी भी राज्यों व संघ के नाम, सीमा व उनसे जुड़े किसी भी प्रकार का बदलाब करने की शक्ति संसद के पास है। ये वह प्रदेश होते हे जिन्हे कुछ विशेष परिस्थितियों के चलते किसी दूसरे राज्यों में न मिलाकर उन्हें केंद्र सरकार के नियंत्राण में रखा जाता हे। केंद्र शासित राज्यों को ये दर्जा अलग अलग कारणों से दिया गया हे।
जम्मू व कश्मीर से अनुछेद 370 समाप्त होने के पश्चात जम्मू व कश्मीर अब राज्य की श्रेणी से हट कर दो केंद्र शाषित प्रदेश बन गए हे।
1. जम्मू और कश्मीर
2. लद्दाख
इन दो केंद्र शासित प्रदेशो के आलावा भी दादरा व नगर हवेली और दमन व् दीव को केंद्र शासित प्रदेशो को आपस में विलय कर दिया गया हे जिससे की अब ये एक ही केंद्र शासित प्रदेश हो गया हे।
अब हम करेंगे उन सभी 8 केंद्र प्रदेशो के बारे में तथा उनसे जुड़े और भी महत्वपूर्ण तथ्यों के बारे में।
- जम्मू और कश्मीर :- जम्मू और कश्मीर 31 अक्टूबर 2019 में भारत का एक राज्य न होकर एक शासित प्रदेश का दर्जा प्राप्त किया हे। इसकी कोई अपनी विधान सभा की हे बल्कि यह लद्दाख के विधान सभा पर आश्रित होगा। श्रीनर जम्मू और कश्मीर की राजधानी है।
- लद्दाख :- लद्दाख को भी जम्मू और कश्मीर से अलग करके एक केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया हे यह भारत का सबसे बड़ा केंद्र शासित प्रदेश है। इस प्रदेश की अपनी विधान सभा हे। लेह लद्दाख की राजधानी है।
- चंडीगढ़ :- चंडीगढ़ राजनितिक कारणों से बने एक केंद्र शासित प्रदेश हे। 1966 में पंजाब की राजधानी थी लेकिन 1966 में हरियाणा का गठन होने के बाद पंजाब व हरियाणा दोनों चंडीगढ़ को अपनी राजधानी बनाना चाहते थे ऐसे में चंडीगढ़ को एक केंद्र शासित प्रदश बनाकर दोनों की राजधानी बना दिया गया। चंडीगढ़ की राजधानी चंडीगढ़ ही हे।
- नई दिल्ली :- वाशिंगटन डी सी की तरह ही नई दिल्ली को भी किसी राज्य से अलग एक केंद्र शासित प्रदेश के रूप में रखा हे। 1956 से 1991 तक नई दिल्ली में बिना वधान सभा बाला केंद्र प्रदेश था लेकिन 1999 में 69 वे संविधान संसोधन के तहत राष्टीय राजधानी प्रदेश (N C T ) का दर्जा दिल्ली को प्राप्त हुआ है। इसकी राजधानी नई दिल्ली ही है।
- अंदमान व निकोबार द्वीप समूह :- इस प्रदेश को भौगोलिक दुरी के कारण और भारत के मुख्य भूमि से दूर होने के कारण इन जगहों को किसी प्रदेश के द्वारा संचालित करना काफी मुश्किल होता इसके आलावा square area के हिसाब से छोटा होने के कारण भी इन प्रदेशो को राज्य का दर्जा नहीं दिया जा सकता था। ये प्रदेश बंगाल की खाड़ी में स्थित है। इसकी राजधानी पोर्ट ब्लेयर है।
- लक्ष्द्वीप :- ये केंद्र शासित प्रदेश भी अंदमान निकोबार द्विप समूह की तरह ही लक्ष्द्वीप को भी भारत का एक केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया है। ये प्रदेश अरब सागर में मौजूद है। इसकी राजधानी कवरत्ती है।
- पड्डुचेड़ी :- पड्डुचेरी को सांस्कृति विविधताओं के कारण इसे एक केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया। इन प्रदेशो में काफी लम्बे समय से यूरोपियन संस्कृति का बड़ा गहरा प्रभाव पड़ा हे इसलिए इन प्रदेशो की सांस्कृतिक विविधता बनाये रखने के लिए इस प्रदेश को भारत से अलग रखा गया हे। पड्डुचेरी भी दिल्ली की ही तरह एक केंद्र शासित प्रदेश हे इसमें भीदिल्ली की तरह ही इसकी अपनी विधान सभा हे। पड्डुचेरी केंद्र शासित प्रदेश का विस्तार भारत के दो राज्यों में हे तथ ापड्डुचेरी तीन जिलों में स्थित है। पड्डुचेरी के जो तीन जिले हे वह इस प्रकार है।
ii. यानम (आन्ध्र प्रदेश )
iii. पाण्डिचेड़ी (तमिलनाडु )
पड्डुचेरी की राजधानी पड्डुचेरी ही है।
8. दादरा और नगर हवेली तथा दमन व् दीव :- लक्ष्द्वीप की ही तरह इन प्रदेशो पर भी काफी लम्बे समय से यूरोपियन लोगो का प्रभाव देखने को मिलता है क्यूंकि इन प्रदेशो में फ़्रांस और पुर्तगाल की संस्कृति का प्रभाव स्थनीये लोगो पर भी देखने को मिलता है इस कारण से भी इस प्रदेश को एक अलग राज्य का दर्जा न देकर एक केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिया गया। अभी हाल ही में भारत सरकार ने 26 जनवरी 2020 को दादरा और नगर हवेली और दमन दीव का विलय कर एक केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिया हे। दादरा और नगर हवेली और दमन व दीव की राजधानी दीव है।
तो इस प्रकार भारत में अब 8 केंन्द्र शासित प्रदेश मौजूद है।
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